Saturday , 25 May 2019
Loading...
Breaking News

पहचान लेटर के तौर पर आधार के स्वैच्छिक प्रयोग पर कोविंद ने लिया ये बड़ा फैसला

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मोबाइल सिम कार्ड लेने तथा बैंक खाता खुलवाने में पहचान लेटर के तौर पर आधार के स्वैच्छिक प्रयोग को मान्यता देने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है अध्यादेश शनिवार को जारी कर दिया गया इससे संबंधित विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद राज्यसभा में पारित नहीं हो पाया जिसकी वजह से गवर्नमेंट को यह अध्यादेश लाना पड़ा मंत्रिमंडल ने आधार तथा दो अन्य विधेयकों में प्रस्तावित बदलावों को अमल में लाने के लिये पिछले हफ्ते अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी थी संशोधन में आधार के प्रयोग एवं निजता से जुड़े नियमों के उल्लंघन के लिए कड़े दंड का प्रावधान है

अध्यादेश में किसी आदमी द्वारा प्रमाणन के लिये दी गयी जैविक पहचान की सूचनाएं  आधार संख्या का सेवा प्रदाता द्वारा अपने पास जमा रखने को प्रतिबंधित किया गया हैअध्यादेश के जरिये आधार कानून में यह परिवर्तन भी किया गया है कि कोई भी बच्चा 18 वर्ष का हो जाने के बाद आधार प्रोग्राम से बाहर निकलने का विकल्प चुन सकता है अध्यादेश में यह भी सुनिश्चित हो गया है कि बैंक खाता खोलना हो या मोबाइल फोन सिम कार्ड लेना हो, आधार पेश नहीं करने की स्थिति में किसी भी सेवा से उपभोक्ता को इंकार नहीं किया जा सकता है

इसमें प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले निकायों पर एक करोड़ रुपये तक का आर्थिक जुर्माना तथा अनुपालन नहीं करना जारी रखने की स्थिति में प्रति दिन 10 लाख रुपये के अलावाजुर्माने का प्रावधान है आधार के गैरकानूनी प्रयोग की स्थिति में तीन वर्ष तक की कैद  10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया है यदि गैरकानूनी प्रयोग करने वाला निकाय कोई कंपनी हुई तो जुर्माना एक लाख रुपये तक हो सकता है अध्यादेश के जरिये आधार कानून की धारा 57 को हटा दिया गया है यह धारा व्यक्तिगत कंपनियों, इकाइयों द्वारा आधार के प्रयोग से जुड़ी है

loading...