Saturday , 25 May 2019
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आज अयोध्या मामले पर सर्वोच्च कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ करेगी सुनवाई

अयोध्या मामले पर मंगलवार को सर्वोच्च कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी. यह पीठ इस बात का निर्णय करेगी कि इस मामले को न्यायालय द्वारा नियुक्त मध्यस्थता को सौंपा जाए या नहीं. इससे पहले बीते मंगलवार को न्यायालय ने अयोध्या मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का सुझाव देते हुए बोला था कि वह रिश्तों को सुधारने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बोला था कि इस मामले को कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थता को सौंपने या नहीं सौंपने के बारे में पांच मार्च को आदेश दिया जाएगा. पीठ ने बोला था कि अगर मध्यस्थता की एक प्रतिशत भी आसार हो तो राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इस भूमि टकराव के निवारण के लिये इसे एक मौका दिया जाना चाहिए.

संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस के बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण  न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं. पीठ ने कोर्ट की रजिस्ट्री से बोला कि सभी पक्षकारों को छह हफ्ते के भीतर सारे दस्तावेजों की अनुवादित प्रतियां उपलब्ध कराए. पीठ ने बोला था कि इस मामले पर अब आठ हफ्ते बाद सुनवाई की जाएगी.

शीर्ष न्यायालय ने बोला था कि वह इस आठ हफ्ते की अवधि का प्रयोग मध्यस्थता की आसार तलाशने के लिये करना चाहता है. इसके बाद ही इस मामले में सुनवाई की जाएगी. इस मामले में सुनवाई के दौरान जहां कुछ मुस्लिम पक्षकारों ने बोला कि वे इस भूमि टकराव का हल खोजने के लिये कोर्ट द्वारा मध्यस्थता की नियुक्ति के सुझाव से सहमत हैं वहीं राम लला विराजमान सहित कुछ हिन्दू पक्षकारों ने इस पर असहमति करते हुए बोला था कि मध्यस्थता की प्रक्रिया पहले भी कई बार असफल हो चुकी है.

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